* सिर्फ चार सालों में लोगों को मुफ्त बिजली दी, 65,000 सरकारी नौकरियां दी, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया, 10 लाख रुपए का कैशलेस इलाज और महिलाओं के लिए 1000-1500 रुपए की सम्मान राशि दी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
चार दिवसीय शुक्राना यात्रा आज दूसरे दिन पवित्र नगरी अमृतसर पहुंची। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार ‘लोक सेवा की राजनीति’ कर रही है और दूसरी तरफ भाजपा ‘पंजाब विरोधी राजनीति’ खेल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सिर्फ चार सालों के अंदर मुफ्त बिजली, 65,000 सरकारी नौकरियां, खेतों तक नहरी पानी, 10 लाख रुपए की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और महिलाओं के लिए मासिक सम्मान राशि प्रदान की है। वहीं केंद्र में बैठी भाजपा बार-बार पंजाब विरोधी फैसले लेकर पंजाबियों के साथ धोखा कर रही है।
किसान आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत पर भाजपा पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब उन लोगों को कभी माफ नहीं करेगा, जिन्होंने अन्नदाताओं की आवाज को कुचला और राज्य के अधिकारों, संसाधनों तथा पहचान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की।
“शुक्राना यात्रा” के दूसरे दिन रईआ और अन्य स्थानों पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा की पंजाब विरोधी मानसिकता कई बार सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत हुई, पंजाब की झांकियों को रोकने की कोशिशें की गईं, बीबीएमबी के जरिए पंजाब के पानी को जबरन हरियाणा को देने की कोशिशें, पंजाब यूनिवर्सिटी को छीनने की साजिश, चंडीगढ़ पर कब्जा करने की साजिश और आम आदमी क्लीनिकों को बंद करने की कोशिशें की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा नफरत और फूट डालो राजनीति पर चलती है। उन्होंने कहा कि अकाली दल और भाजपा के बीच कोई भी नया गठजोड़ एक बार फिर साबित करेगा कि दोनों पार्टियां “एक ही सिक्के के दो पहलू” हैं। उन्होंने सावधान किया कि अगर ऐसा गठजोड़ दोबारा बन गया तो पंजाब के लिए घातक होगा क्योंकि यह गठजोड़ पंजाबियों की भलाई के बजाय केवल राजनीतिक बचाव और स्वार्थ से चलता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह अपवित्र गठजोड़ पंजाब विरोधी है और दोनों पार्टियां अंत में एक-दूसरे को राजनीतिक रूप से तबाह कर देंगी।”
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को अब कम से कम 10 साल की कैद की सजा होगी, जो उम्रकैद तक बढ़ सकती है और साथ ही 50 लाख रुपए तक का जुर्माना भी हो सकता है।
उन्होंने सवाल किया कि पिछली सरकारें पहले इतना सख्त कानून क्यों नहीं बना सकीं, क्योंकि उनकी नियत में खोट था। मुख्यमंत्री ने कहा, “ये सरकारें खुद बेअदबी की घटनाओं की गुनाहगार हैं और यहां तक कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे श्रद्धालुओं पर गोली चलाने का आदेश भी दिया।” उन्होंने कहा कि गोलीबारी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बाद में इनाम और तरक्की दी गई।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल और बादल परिवार आज राजनीतिक रूप से खैर-खैर हो चुके हैं क्योंकि “परमात्मा की अदालत में इंसाफ होता है।” लोगों के निरंतर प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि अकालियों और कांग्रेस के संदिग्ध राजनीतिक चरित्र के कारण इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अकालियों पर धर्म और धार्मिक संस्थाओं को राजनीतिक लाभ के लिए कंट्रोल करने का आरोप लगाया और कहा कि धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी सीधे बादल परिवार के इशारे पर नियुक्त किए जाते हैं।
धार्मिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पिछले 14 सालों से शिरोमणि कमेटी की चुनाव नहीं हुए। उन्होंने पूछा कि लंबे समय से चुनाव न होने के कारण ऐसे संस्थान संवैधानिक संस्था होने का दावा कैसे जारी रख सकते हैं।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हरजिंदर सिंह धामी को खुद को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का सिपाही कहना चाहिए, लेकिन वे खुद को सुखबीर बादल का सिपाही बता रहे हैं।” उन्होंने कहा कि केवल बादल परिवार ही बेअदबी विरोधी कानून का विरोध कर रहा है, जबकि बड़ी संख्या में सिख संगत ने इसे पूरे दिल से स्वीकार किया और समर्थन दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अकाली दल के विधायक को पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान गैर-हाजिर रहने पर भी निशाना बनाया, जिसमें बेअदबी विरोधी कानून पास किया गया था। उन्होंने कहा कि अकाली बहस से इसलिए भाग गए क्योंकि उनके अपने कार्यकाल के दौरान बेअदबी की घटनाओं पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा, “इस सख्त कानून के लागू होने से अब कोई भी बेअदबी करने की हिमाकत नहीं करेगा।” उन्होंने कहा कि परमात्मा ने उन्हें यह पवित्र सेवा सौंपी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सारी मानवता के साझे हैं और विश्वव्यापी भाईचारे के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महान गुरु साहिबान की शिक्षाएं मानवता और विश्व भलाई का संदेश फैलाती हैं। उन्होंने कहा कि बेअदबी करने वाले को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दोहराया कि बेअदबी की सजा न्यूनतम 10 साल की कैद से लेकर उम्रकैद तक और 50 लाख रुपए तक के जुर्माने तक होगी।
पंजाब सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे 2022 में लोगों द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुफ्त इलाज प्रदान करने के लिए पूरे पंजाब में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, विश्व स्तरीय सरकारी स्कूल बनाए जा रहे हैं, 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, सीवरेज सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है, अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और हर परिवार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक का इलाज प्राप्त कर सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि किसानों को दिन में मुफ्त बिजली मिल रही है, लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों बिछाई गई हैं और नहरों को फिर से बहाल किया गया है ताकि पंजाब के हर खेत तक पानी पहुंच सके।
अमृतसर दक्षिणी और पूर्वी हलकों में मुख्यमंत्री का शानदार स्वागत किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब विरोधी ताकतें समाज में नफरत के बीज बोने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कभी सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “पंजाब की धरती उपजाऊ है, लेकिन यहां नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता।” उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां लोगों में डर और भय फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब की सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और फूट डालो राजनीति से इन्हें कमजोर नहीं किया जा सकता। “शुक्राना यात्रा” को आध्यात्मिक यात्रा बताते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा ने उन्हें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सत्कार में बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून बनाने का बल बख्शा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का कोई राजनीतिक संबंध नहीं है और इसका उद्देश्य केवल गुरु साहिब जी का शुक्रगुजार होना था कि परमात्मा ने उन्हें सख्त कानून लाने का मौका बख्शा। अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पूरे राज्य में शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए अथक मेहनत करती रहेगी।
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Meenu Galhotra (Editor)